अभिव्यक्ति

Monday, 22 May 2017

विश्वास....

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   अटकूं कहीं तो     इशारा करता है तू ही     भटकूं कहीं तो      साथ देता है तू ही      आकांक्षाएं , एक के बाद एक       बढ़ती चली जाती  ...
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Wednesday, 10 May 2017

आत्म भ्रमण

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  मन ने कहा ,चलो आज    चलोगी आत्म भ्रमण पर     मैं बोली क्यों नही      सबसे पहली मुलाकात      स्वयं के अहम् से      गुफ्तगू हुई      श...
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Monday, 1 May 2017

मजदूर....

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सिर पर ईंटों को ढोता   चिलचिलाती धूप हो   या आँधी -तूफान     बरस रहा हो या    मेघ अविरत...     करना है     उसे तो काम     रोटी का सव...
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Tuesday, 21 March 2017

प्रयास

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   मैंने कुछ सीखा आज      एक मकड़ी से    निरन्तर प्रयास करते रहना      जुट जाना जी जान से      चाहे , कोई कितनी ही बार      उजाड़ दे आशिय...
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Wednesday, 8 March 2017

नारी दिवस

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  नही..... आज कुछ नहीं लिखा     महिला दिवस के उपलक्ष में      नारी ,शक्ति है ,दुर्गा है        सहनशीलता की मूरत है        कुछ नहीं लिखा ...
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Friday, 24 February 2017

औकात...

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ब्रांडेड जूते, चप्पलों से   ठसाठस भरती जा रही     जूतों की अलमारी      बेचारे सादे      बिना ब्रांड के      पुराने चप्पल      दबे जा र...
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Friday, 10 February 2017

आज...

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   जिंदगी के हर लम्हे  को     मस्ती से गुजार लो      जो आज है     कल न होगा       जी भर के जी लो      आज खुशी से       तो , कल       ...
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कुछ मेरे बारे में

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शुभा
मैं ,शुभा ,बचपन से ही पढ़ने का शौक रहा है । अब मैं अपने जीवन की छोटी छोटी अनुभूतियों को कविताओं और लेखों में पिरोने की कोशिश करती हूँ ।
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