अभिव्यक्ति

Wednesday, 28 February 2018

उदास बचपन

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  उदास मन ,उदास तन    चारों ओर उदासी     न है कोई आसपास अपना     न समय किसी के पास     कोई तो पूछे      मेरे दिल का हाल      माँ -पापा...
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Thursday, 15 February 2018

खलल....

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जी हाँ ,पडती है खलल जीवन में मेरे जब   आकर कोई कर जाता   है सपनों को ध्वस्त मेरे    देता है झकझोर मेरे     समूचे अस्तित्व को,   कितनी ...
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Tuesday, 6 February 2018

नदी ....

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मैं हूँ नदी ..... निकल कर पहाड़ों की गोद से ,   आ पहुँचती धरा पर     सबका जीवन    निर्मल करने       रवि किरणें जब       मुझको छूती    ...
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Saturday, 27 January 2018

किसान .....

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रंग बिरंगे फूल खिले हैं खेतों और खलिहानों में आमों पर भी बौर आ गए   कोयल कूके डालों पर चारों ओर छाई हरियाली कोमल कोमल प्यारी प्यारी दू...
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Thursday, 18 January 2018

बवाल

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यहाँ तो हर जगह मचा है बवाल   कभी धर्म के नाम पर कभी संप्रदाय के   हिंसा ,तोड़फोड़   धरने , हडतालें    बस ,बवाल ही बवाल है    चारो ओर  ...
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Friday, 12 January 2018

अपना-अपना आकाश...

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  सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं ....... सभी मित्रों को इस उपलक्ष में चंद पंंक्तियाँ सर्मपित... सभी को मिले , इच्छित आकाश छू ले ,छू...
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Saturday, 30 December 2017

सपना.....

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  कल रात सखि ,    देखा मैंने इक सपना    कि,इस नए साल में    सब हिलमिल गए हैं     झगड़ा ,टंटा कुछ नही आपस में प्रेम है न जाति ,न भाषा क...
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कुछ मेरे बारे में

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शुभा
मैं ,शुभा ,बचपन से ही पढ़ने का शौक रहा है । अब मैं अपने जीवन की छोटी छोटी अनुभूतियों को कविताओं और लेखों में पिरोने की कोशिश करती हूँ ।
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