अभिव्यक्ति
Saturday, 9 May 2026
खबर
›
आँखों के नम होनें का ,सबब ना पूछो दोस्तों यहाँ तो ये किस्सा आम हो गया है आती हैं खबरें अखबारों में एक लाइनों में ,जिंदगी की कीमत हो जात...
18 comments:
Thursday, 12 March 2026
पसंद
›
मुझे तो रंग -बिरंगे फूल पसंद थे गमलों में खिले ...... लाल -पीले गुलाब और बीच में महकता सफेद मोगरा रंगों से सजा घर जिसके हर ...
16 comments:
Monday, 2 February 2026
गुड़िया
›
हाँ ,मैं ही हूँ गुड़िया ..मतलब नाम है मेरा गुड़िया । असली नाम नहीं ,,घर का नाम है । माँ प्यार से कहती ...गुड़िया रानी बड़ी सयानी ,बात मानती ...
15 comments:
Saturday, 6 December 2025
ख्वाहिशें....
›
ये मन भी बड़ा अजीब है कितनी ख्वाहिशें पाल लेता है बस उन्मुक्त गगन में अविरत ,विचरण करता रहता है सोच को लगाम लगती ही नहीं ...
12 comments:
Saturday, 2 August 2025
सेवानिवृति के बाद .....
›
एक उम्र गुजरने के बाद कोई खास काम नहीं , नौकरी भी पूरी हुई अब कोई रुटीन नही बस ,सन्नाटा -सा रहता है सोचती हूँ ,कौन हूँ मैं घर बनाया ,बग...
18 comments:
Wednesday, 9 July 2025
सही कहा ना....
›
दुनियाँ का सबसे सरल काम , दूसरों की गलतियाँ निकालना और सबसे कठिन काम अपनी गलती मानना ....। शुभा मेहता 19th ,July, 2025
16 comments:
Thursday, 12 June 2025
कौआ ,बालकनी और मैं
›
मुंबई शिफ्ट हुए मुझे दो साल होने को आए । यहाँ देखा कि चील ,कौए बहुत हैं ।सुबह-सुबह बालकनी से देखो तो बहुत सारे मंडराते नजर आ जाते थे । अभी ...
15 comments:
›
Home
View web version