अभिव्यक्ति
Saturday, 6 December 2025
ख्वाहिशें....
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ये मन भी बड़ा अजीब है कितनी ख्वाहिशें पाल लेता है बस उन्मुक्त गगन में अविरत ,विचरण करता रहता है सोच को लगाम लगती ही नहीं ...
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Saturday, 2 August 2025
सेवानिवृति के बाद .....
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एक उम्र गुजरने के बाद कोई खास काम नहीं , नौकरी भी पूरी हुई अब कोई रुटीन नही बस ,सन्नाटा -सा रहता है सोचती हूँ ,कौन हूँ मैं घर बनाया ,बग...
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Wednesday, 9 July 2025
सही कहा ना....
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दुनियाँ का सबसे सरल काम , दूसरों की गलतियाँ निकालना और सबसे कठिन काम अपनी गलती मानना ....। शुभा मेहता 19th ,July, 2025
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Thursday, 12 June 2025
कौआ ,बालकनी और मैं
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मुंबई शिफ्ट हुए मुझे दो साल होने को आए । यहाँ देखा कि चील ,कौए बहुत हैं ।सुबह-सुबह बालकनी से देखो तो बहुत सारे मंडराते नजर आ जाते थे । अभी ...
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Thursday, 1 May 2025
फितरत
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सच ही कहते हैं ..... हम इंसानों की बडी अजीब -सी फितरत है ........ जो होता है , संतोष नहीं जो नहीं है ,बस भागे चले जाते हैं उसके पीछे ....
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Monday, 10 February 2025
बूढ़ा बचपन
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झुकी कमर ,कांपते हाथ धुंधली आँखों के सौ सवाल खिलौनों की जगह छडी पकडता बूढ़ा बचपन मुस्कुराता हर हाल । कभी धूप में नंगे पाँव दौड़ा ...
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Sunday, 6 October 2024
नेता जी का कुत्ता
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नेता जी का कुत्ता अरे भूल हो गई .... कुत्ता नहीं ... " टौमी " नाम है उसका साथ में घूमता है गाडी में ...
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