अभिव्यक्ति

Monday, 30 November 2015

ठूँठ

›
     हाँ ..... ठूँठ हूँ मैं       आते-जाते सभी लोग       लगता है जैसे चिढ़ाते हुए निकल जाते मुझे         भेजते लानत मुझ पर      कहते - कै...
4 comments:
Sunday, 8 November 2015

पिंजरे की मैना

›
  पिंजरे की मैना ये ,   किसे सुनाये दास्ताँ दिल की    कितनी खुश थी जंगल में वो     दिन भर चहकती रहती थी     इस डाल से उस डाल पर     इस ...
3 comments:
Tuesday, 20 October 2015

वक़्त

›
     ये तो ववत -वक़्त की बात है       कभी मिलता है तो कभी मिलाता है       कभी खामोश सा बैठाता है        कभी कहकहे लगवाता है       तो कभी ...
5 comments:
Friday, 2 October 2015

जीवन

›
    जीवन , निरंतर गतिशील      जैसे बहता झरना     वक़्त गुजरता है       पंख लगाकर          रुकता नहीँ किसी के रोके         ये गुजरता वक़्त...
6 comments:
Thursday, 10 September 2015

संस्मरण - मेरी सहेली

›
बहुत साल पुरानी बात है तब मैं कोई 9 -10 साल की रही होंगी ।मेरी एक सहेली थी जो हमारे घर के पीछे ही रहती थी । शाला से आकर अपना काम निपटा कर मै...
Monday, 7 September 2015

संज्ञा

›
   जी हाँ ,संज्ञा हूँ मैं      व्यक्ति या वस्तु ?   कभी -कभी ये बात सोच में डाल देती है    रूप है,रंग है ,आकार भी है    दिल भी,दिमाग भी ...
4 comments:
Wednesday, 2 September 2015

दूसरा पहलू

›
    देखा पलट के पीछे की ओर       था नज़ारा वहाँ कुछ और        होठों पर थी मुस्कान जैसे ओढ़ी हुई        उस खिलखिलाहट के पीछे          छुपा ...
3 comments:
‹
›
Home
View web version

कुछ मेरे बारे में

My photo
शुभा
मैं ,शुभा ,बचपन से ही पढ़ने का शौक रहा है । अब मैं अपने जीवन की छोटी छोटी अनुभूतियों को कविताओं और लेखों में पिरोने की कोशिश करती हूँ ।
View my complete profile
Powered by Blogger.