अभिव्यक्ति

Wednesday, 25 July 2018

किस्मत

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तू चलता चला चल   तू चलता चला चल    अपनी लगन में     न देख इधर   न देख उधर    रख आँख तेरी लक्ष्य की ओर ।     कोई कहे अच्छी है किस्मत  ...
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Sunday, 8 July 2018

मेरे अनुभव ..

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  आज जब शाम को वॉक के लिए गई तो देखा मंजू कुछ उदास सी दिखाई दी , मैं और मंजू रोज साथ ही वॉक पर जाते हैं ,अब दोस्ती इतनी गहरी हो गई है कि बस ...
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Saturday, 7 July 2018

मेघ मल्हार

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  गरज आए बदरा कारे   चहुँ ओर पावस भर लाए     मोर -पपीहा झूमे -नाचे       कोयल छेड़े राग मल्हार        धरती भी तो झूम रही है         पहन ...
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Wednesday, 20 June 2018

अंकुर

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इक बीज के हृदयतल में    बसता है इक छोटा अंकुर     अलसाया सा....     सोता हुआ.....      उठो ,उठो ..      रवि नें आकर चुपके से कहा      ...
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Saturday, 16 June 2018

अंधकार

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अँधेरा मन में है    दिया जलाया मंदिर में     मन का अँधेरा दूर कर     जग प्रकाशित हो जाएगा ।       नफरत की आग मन में लिए       क्यों बै...
Sunday, 10 June 2018

मेघा

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  मन महक उठा   माटी की सौंधी खुशबू से    बादलों के खुले नलों से    जब बूँदें गिरी  अवनि पर    भिगो गई सूखी माटी को    कोई भी इत्र इस खु...
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Friday, 8 June 2018

दहलीज़

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  भोर से ही आज    चित्त कुछ उदास था    याद मायके की      सता रही थी      वो पापा का दुलार       मम्मी का प्यार      भैया का झगड़ा     ...
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कुछ मेरे बारे में

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शुभा
मैं ,शुभा ,बचपन से ही पढ़ने का शौक रहा है । अब मैं अपने जीवन की छोटी छोटी अनुभूतियों को कविताओं और लेखों में पिरोने की कोशिश करती हूँ ।
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