अभिव्यक्ति

Tuesday, 29 January 2019

यादें

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हाँ ,ये यादें ही तो हैं    जो कुछ पल     के लिए आती हैं ज़हन में      कभी गुदगुदाती है       कभी अकेले में ही        जो़र से हँसा  जाती...
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Wednesday, 16 January 2019

मानवता

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मानव ,   कहाँ छुपी है तेरी मानवता   शायद दब गई है मन के किसी कोने में    तेरी इच्छाओं ,महत्वाकांक्षा के बोझ तले     आगे निकलने की होड़ में...
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Saturday, 5 January 2019

आशियाना

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वो सुंदर सा आशियाना हमारा आशियाना क्या ...   साकार सपनें थे हमारे     सींचा  था जिसको      प्यार के नीर से       विशाल कमरे       खुला...
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Monday, 31 December 2018

स्वागत ..💐💐💐💐💐💐..नववर्ष

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ठकठक......ठकठक.....   अरे ,कौन दरवाजा खटखटा रहा है ?    खोला तो पाया द्वार पर नववर्ष मुस्कुरा रहा है     मैंने कहा अभी कुछ घंटे शेष हैं ...
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Wednesday, 28 November 2018

आवाज़

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  लगा जैसे नींद में   कोई आवाज़ दे रहा है   आओ ,आओ .....    अपना अमूल्य मत     हमें बेचो ,हमें बेचो      मुँहमाँगे दाम मिलेगें     अच्छ...
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Tuesday, 13 November 2018

बाल दिवस

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बाल दिवस   मन करता है   चलो आज मैं , फिर छोटा बच्चा बन जाऊँ खेलूं कूदूं ,नाचूँ ,गाऊँ   उछल उछल इतराऊँ    मन करता है...    खूब हँसूं मै...
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Wednesday, 24 October 2018

बदलाव

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बचपन का भी क्या खेला था घर में ही लगता जैसे मेला था भुआ-भतीजे ,चाचा -चाची   मामा -मामी ,,नाना -नानी इत्ते सारे भाई -बहन   खेला करते संग...
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कुछ मेरे बारे में

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शुभा
मैं ,शुभा ,बचपन से ही पढ़ने का शौक रहा है । अब मैं अपने जीवन की छोटी छोटी अनुभूतियों को कविताओं और लेखों में पिरोने की कोशिश करती हूँ ।
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