अभिव्यक्ति
Tuesday, 12 March 2019
कब आओगे श्याम
›
कब आओगे श्याम तुम ,कब आओगे बाट निहारें सभी गोपिया कब आओगे श्याम .... कितने दिन यूँ बीत गए हैं छोड हमें क्यों चले गए तुम ...
26 comments:
Friday, 15 February 2019
हो..ली.
›
ये कैसी होली हो ,ली लहू छिटका चहुँ ओर मेरे वीर जवानों का कई रंग -बदरंग हुए किसी की गोद उजड़ी किसी का सुहाग बच्च...
15 comments:
Wednesday, 30 January 2019
याद
›
याद है तुम्हें जब पहली बार कंकू भरे पैरों से तुम आई थी घर में पायल की रुनझुन कितनी मनमोहक थी और तुम्हारे नाजुक से पैर मैं त...
20 comments:
Tuesday, 29 January 2019
यादें
›
हाँ ,ये यादें ही तो हैं जो कुछ पल के लिए आती हैं ज़हन में कभी गुदगुदाती है कभी अकेले में ही जो़र से हँसा जाती...
3 comments:
Wednesday, 16 January 2019
मानवता
›
मानव , कहाँ छुपी है तेरी मानवता शायद दब गई है मन के किसी कोने में तेरी इच्छाओं ,महत्वाकांक्षा के बोझ तले आगे निकलने की होड़ में...
6 comments:
Saturday, 5 January 2019
आशियाना
›
वो सुंदर सा आशियाना हमारा आशियाना क्या ... साकार सपनें थे हमारे सींचा था जिसको प्यार के नीर से विशाल कमरे खुला...
20 comments:
Monday, 31 December 2018
स्वागत ..💐💐💐💐💐💐..नववर्ष
›
ठकठक......ठकठक..... अरे ,कौन दरवाजा खटखटा रहा है ? खोला तो पाया द्वार पर नववर्ष मुस्कुरा रहा है मैंने कहा अभी कुछ घंटे शेष हैं ...
6 comments:
‹
›
Home
View web version