अभिव्यक्ति

Monday, 29 July 2019

मिठास

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कितने खुश रहते थे हम सब मिल जाती थी खुशियाँ छोटी-छोटी बातों में मिल-बाँट के खाते बिन खिलौने भी कितने ही खेल खेलते   कभी छोटे-छोटे   प...
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Monday, 8 July 2019

सुबह ....

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       (1) चूडियों की खनक   दूध वाले की घंटी    चाय की महक    सुबह हो गई ....।      ( 2)     चिडियों की चहचहाहट     बच्चों और मम्मी क...
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Wednesday, 3 July 2019

किताब ....(किताबें हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं )

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इक सुंदर से कवर वाली किताब   जैसे ही पढने को खोली    मैंं तो उसमें खो ही गई ...     शायद ही कोई ढूँढ पाएगा मुझे     मेरी कुर्सी , मेरा घ...
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Tuesday, 25 June 2019

बारिश

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बारिश की इक बूँद हूँ मैं छोटी -सी ,नन्ही -सी एक से एक जब मिल जाएँ    घट भर जाए ......     प्यास बुझाए ....      मुझ बिन सूना       सब ...
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Tuesday, 11 June 2019

इंसानियत

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इंसान ही मर चुका जब कहाँ से आएगी इंसानियत ?   हैवान बन गया वो   हैवानियत ही हैवानियत ..    गुड्डे -गुडि़या खेल -खिलौने     खेलने थे जब ...
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Monday, 27 May 2019

रानी (लघुकथा )

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छोटी सी ,प्यारी सी गुडिया सी थी वो ,नाम था उसका रानी । माँ ,पापा ,दादा ,दादी सबकी दुलारी । हमेशा मुस्कुराती रहती औ र बहुत मीठा बोलती थी । ...
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Wednesday, 22 May 2019

आओ ,,मिलकर वृक्ष लगाएं...

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चलो .....,कुछ अच्छा करते हैं सब मिलकर ,कुछ अच्छा करते हैं ले आओ कुछ बीज वृक्षारोपण करते हैं चलो ..कुछ अच्छा करते हैं वट ,पीपल ,नीम ,गुल...
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कुछ मेरे बारे में

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शुभा
मैं ,शुभा ,बचपन से ही पढ़ने का शौक रहा है । अब मैं अपने जीवन की छोटी छोटी अनुभूतियों को कविताओं और लेखों में पिरोने की कोशिश करती हूँ ।
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