अभिव्यक्ति
Friday, 31 July 2020
पदचिन्ह
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पदचिन्ह .......? किसके पदचिन्हों का करूँ अनुसरण यहाँ तो पदचिन्हों का जमावडा है , छोटे -बडे ,टेढे -मेढे सब एक दूसरे में गड्डमड्ड ...
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Thursday, 11 June 2020
स्वतंत्र
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बडे गर्व से कहते हैं.हाँ हैं हम स्वतंत्र देश के स्वतंत्र नागरिक .. और हैं भी ....। पर हमनें तो इसका ऐसा किया दुरूपयोग .. सारी प्रकृति ...
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Thursday, 21 May 2020
पदचिन्ह
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गीली रेत पर छोड़ चले थे अपने पदचिन्ह... तय करते ल..म्बा सफर पहुँच गए कितनी दूर अपनी धरती ,अपना देश , अपना ग...
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Sunday, 26 April 2020
जिज्ञासा
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खिड़की में से चाँद ,आजकल कितना सुंदर दिखता है और सितारे इत्ते सारे .. यहाँ कहाँ से आ गए ? पहले तो कभी ना देखे .. इतने चम...
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Wednesday, 22 April 2020
आग
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आग चूल्हे की हो या पेट की... एक जलती है तब दूसरी बुझती है और चूल्हा जलता कब है? पूछो उन मजदूरों से .. .... आज बोल कर गया थ...
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Friday, 10 April 2020
खलनायक (लघुकथा)
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रानी नें जैसे ही घर मेंं कदम रखा ,उसकी माँ नें कहा रानी देखो तुमसे मिलने कौन आया है । कौन आया है माँ ?रानी ने पूछा अरे वो मास्टर जी ,जो बच...
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Wednesday, 1 April 2020
यूँ ही ,कुछ मन की बात ..
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नमस्ते मित्रों .. आजकल' कोरोना 'की वजह से सभी अपने -अपने घरों में है । यह अच्छी बात है कि घर का पुरुष वर्ग भी दैनिक कार्य जैसे झा...
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