अभिव्यक्ति
Sunday, 27 December 2020
एक पत्र , मानव के नाम ......
›
नमस्ते 🙏🏼हे मानव , आज मैं बहुत खुश हूँ ,बताऊँ क्यों ? बस चार दिन शेष हैं मेरी जिंदगी के .....😊 आप कहेगें ,अरे भाई .....
38 comments:
Tuesday, 24 November 2020
मेरे मन की बात ..
›
बात मेरे मन की है ,जरूरी नहीं आप भी सहमत हों इससे 🙏🏻 बात कुछ दिनों पहले की है....जब कोविड का डर नहीं था । मैं रोज बगीचे में घूमने जाया करत...
37 comments:
पुराना दोस्त
›
सुना था कि ,तुमनें इस दिवाली ....... सारा घर साफ कर डाला । घर ? या वो यादें वो सपने .. वो नोटबुक की स्याही वो आँगन का बडा पेड़ ...
16 comments:
Wednesday, 30 September 2020
एक थी आशा
›
एक थी आशा .... हँसती -गाती , मुस्कुराती ,सुंदर ,सलोनी -सी माँ की दुलारी थी . कितने सारे सपने थे उसके कुचल दी गई वहशी दरिंदों द्वारा क्...
31 comments:
दिखावा ...(.लघुकथा )
›
माँ जी ,आज मेरी माँ की तबियत ठीक नहीं है ,क्या थोडी देर के लिए मिल आऊँ । माला नेंं अपनी सास से डरते-डरते पूछा । घर का काम कौन करेगा ? आज स...
3 comments:
Saturday, 22 August 2020
मुंडेर
›
यादों की मुंडेर पर बैठा , मन पंछी ........ सुना रहा तराने , नए -पुराने कुछ ही पलों में करवा दिया , बीते सालों का सफर । बचपन...
31 comments:
Friday, 7 August 2020
व्यथा
›
मेरी व्यथा की कथा क्या कहूँ...... मैं हूँ इक "आम"आदमी "आम"आदमी जो होता नहीं कभी खास...। कभी पेंशन पाने को सरक...
36 comments:
‹
›
Home
View web version