अभिव्यक्ति
Saturday, 27 January 2018
किसान .....
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रंग बिरंगे फूल खिले हैं खेतों और खलिहानों में आमों पर भी बौर आ गए कोयल कूके डालों पर चारों ओर छाई हरियाली कोमल कोमल प्यारी प्यारी दू...
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Thursday, 18 January 2018
बवाल
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यहाँ तो हर जगह मचा है बवाल कभी धर्म के नाम पर कभी संप्रदाय के हिंसा ,तोड़फोड़ धरने , हडतालें बस ,बवाल ही बवाल है चारो ओर ...
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Friday, 12 January 2018
अपना-अपना आकाश...
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सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं ....... सभी मित्रों को इस उपलक्ष में चंद पंंक्तियाँ सर्मपित... सभी को मिले , इच्छित आकाश छू ले ,छू...
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Saturday, 30 December 2017
सपना.....
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कल रात सखि , देखा मैंने इक सपना कि,इस नए साल में सब हिलमिल गए हैं झगड़ा ,टंटा कुछ नही आपस में प्रेम है न जाति ,न भाषा क...
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Tuesday, 14 November 2017
बाल दिवस
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मन करता है चलो आज मैं , फिर छोटा बच्चा बन जाऊँ खेलूं कूदूं ,नाचूँ ,गाऊँ उछल उछल इतराऊँ मन करता है... खूब हँसूं मैं मु...
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Thursday, 2 November 2017
लघु कथा.....गेट-टुगेदर
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माँ ..माँ ,बड़े भैया का फोन था ,कह रहे थे इस दिवाली सब एक गेट टुगेदर रखते हैं .. ..बोलते हुए राघव ने कमरे में प्रवेश किया ।अच्छा ,सुधा की आँख...
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Tuesday, 31 October 2017
आडंबर....
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खिड़की से देखती हूँ चंदा ,सूरज , तारे दूर -दूर तक गगन विशाल कितने सुंदर !! ऊँची -ऊँची अट्टालिकाएँ रंगी हुई ,खूबसूरत...
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