Thursday, 8 October 2026

रुको ,ज़रा ...

रूको ,कहाँ भागे जा रहे हो 

 इस भीड़ में ,भीड़ के पीछे 

 देखा -देखी ,होड़ा -होड़ 

 बड़ा मकान ,बड़ी कार 

  और बड़ी ,और बड़ी 

अंतहीन सिलसिला 

  बदले में टेंशन , डिप्रेशन

   ज़रा ठहरो ...सोचो 

      शांति कहाँ है ?सुकून कहाँ है ?

        ज़रा ठहरो ,सोचो ..

       अंतहीन सिलसिला है ...

        मकान को घर बनाओ ..

        चैन की बंसी बजाओ ।

  शुभा मेहता 

  8th ,oct ,2026