Friday, 6 February 2015

स्वच्छ भारत

स्वच्छ भारत ,स्वस्थ भारत का ,
   नारा गूँज रहा है चारो ओर ,
गली -मोहल्लों मे ,
     बैठकें  बुलवाई गई  ,
     रखना है सभी को ध्यान सफाई का ,
     आदेश फरमाए गए ।
     जगह -जगह बडे-बडे ,'डस्टबीन' रखवाए गए ।
    होता था साथ में चाय -नाश्ते का प्रावधान भी,   और अंत में स्वच्छ भारत के नारे के साथ
   सभा समाप्ति की घोषणा ।
     और फिर चारों ओर-खाली गिलासों का ढेर,   जो हवा के साथ उड़कर फैलते है चारों ओर ,
    डस्टबीन बेचारे ,मुंह खोले ,आस लगाए ,
    शरमा रहे होते है अपनी उपस्थिति पर ,
   और ये तथाकथित पढे-लिखे लोग ,
किनारे खडे होकर गप्पें हाँक रहे होतें हैं  ।
    उधर सडक पर कोई नेता जी ,  
    खडे हैं ब्रांड न्यू झाड़ू ले कर ,
    केमरामैन पीछे-पीछे दौड रहे है ,
कौनसा पोज़ अच्छा रहेगा ?
    कर्मचारी साथ में खुशबूदार सेनेटाइज़र लिए ।
    हम भी सोचने पर मजबूर हो गए ,
     ऐसे बनेगा स्वच्छ भारत ?
    पर आज जब देखा, एक बच्चे को ,
   चॉकलेट खाकर रेपर  हाथ में लिए है ,
    माँ कह रही है बेटा फ़ेंक दे सड़क पर ,
    बच्चा बोला -डालूँगा इसे कूड़ेदान में ,
  आपको पता नहीँ क्या?
     हमें देश को स्वच्छ बनाना है ,
      इसकी शान बढ़ाना है ।
          
  

3 comments:

  1. सही कहा शुभा जी कोरी बातों से नही स्वच्छ्ता के लिये बच्चों के साथ भारत के प्रत्येक नागरिक को जागरूक होना पड़ेगा

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  2. स्वच्छता के लिए सभी को साथ आना होगा।सुन्दर रचना।

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  3. स्वच्छता के लिए सभी को साथ आना होगा।सुन्दर रचना।

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