Saturday, 20 March 2021

मेरी कविता

आज 21 मार्च ,विश्व कविता दिवस .....
मेरे सभी ब्लोगर मित्रों को शुभकामनाएँँ 💐💐💐💐💐💐🙏🏻🙏🏻
 वैसे मैं कोई कवियत्री नहीं हूँ ,हाँ कभी -कभी मन के भावों को सरल शब्दों में अभिव्यक्त कर लेती हूँ और आप सभी साथियों का स्नेह भाव पा लेती हूँ । हृदय से आप सभी का धन्यवाद 🙏🏻

 दिल नें कहा ,चल आज कुछ सृजन कर 
शब्दों नेंं कहा ,हमें जल्दी बाहर निकालो 
अपने विचारों को कागज पर उतारो 
वरना बहुत देर हो जाएगी और 
 हम हमेशा की तरह दिमाग से निकल कर 
कभी दाल और कभी सब्जी में मसालों के साथ
हो जाएगें जज़्ब............।
या फिर परात में उछल -कूद करते 
गुँथ जाएगें आटे के साथ 
सिक जाएंगे रोटियों के साथ 
 नहीं...................
इतना जुल्म मत करना 
अभी ले लो हाथ कलम 
कर डालो सृजन । 
  शुभा मेहता 
21 March ,2021








32 comments:

  1. कविता दिवस की बधाई दी:)
    रसोई में भी कागज़ कलम लेकर जाइये
    कलछी चलाते हुए नये गीत गुनगुनाइये
    सब्जी चलाते या आटा गूँथते विचारों में
    छौंक-बघार के चटख स्वाद का तड़का लगाइये
    --–

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    1. धन्यवाद श्वेता । बहुत समय बाद आपको देखकर दिल खुश हो गया ।

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  2. ठीक ही सोचा आपने । वैसे सच्चे कवि / कवयित्री के लिए तो प्रत्येक दिवस ही कविता दिवस होता है ।

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    1. धन्यवाद जितेन्द्र जी ।जी ,सही कहा आपनें ।

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    1. धन्यवाद ओंकार जी ।

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  4. बहुत खूब लिखा है, अक्सर ऐसा ही होता है, बहुत ही सुंदर

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद ज्योति जी ।

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  5. नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा सोमवार ( 22-03 -2021 ) को पत्थर से करना नहीं, कोई भी फरियाद (चर्चा अंक 4013) पर भी होगी।आप भी सादर आमंत्रित है।

    चर्चामंच पर आपकी रचना का लिंक विस्तारिक पाठक वर्ग तक पहुँचाने के उद्देश्य से सम्मिलित किया गया है ताकि साहित्य रसिक पाठकों को अनेक विकल्प मिल सकें तथा साहित्य-सृजन के विभिन्न आयामों से वे सूचित हो सकें।

    यदि हमारे द्वारा किए गए इस प्रयास से आपको कोई आपत्ति है तो कृपया संबंधित प्रस्तुति के अंक में अपनी टिप्पणी के ज़रिये या हमारे ब्लॉग पर प्रदर्शित संपर्क फ़ॉर्म के माध्यम से हमें सूचित कीजिएगा ताकि आपकी रचना का लिंक प्रस्तुति से विलोपित किया जा सके।

    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

    #रवीन्द्र_सिंह_यादव

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद अनुज रविन्द्र जी । जी ,जरूर आऊँगी ।

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  6. बहुत बहुत सुन्दर सराहनीय

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद ।

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  7. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति रेखाचित्र के रूप में।

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  8. आखिर हो ही गया सृजन ,मसालों के साथ ।

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  9. धन्यवाद संगीता जी ।

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  10. बहुत सुन्दर।
    विश्व कविता दिवस पर मनोभावों की गहन अभिव्यक्ति।

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    1. धन्यवाद आदरणीय सर ।

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  11. वाह!बहुत सुंदर आदरणीय दी।
    हम हमेशा की तरह दिमाग से निकल कर
    कभी दाल और कभी सब्जी में मसालों के साथ
    हो जाएगें जज़्ब............।
    या फिर परात में उछल -कूद करते
    गुँथ जाएगें आटे के साथ
    सिक जाएंगे रोटियों के साथ..वाह!👌

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद प्रिय अनीता

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  12. बहुत सुंदर सृजन जी ।

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद ।

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  13. कविता वही है जो मन से मन को छू जाए ...
    भावों की अभिव्यक्ति ही कविता है ... होली की बहुत शुभकामनायें ...

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद दिगंबर जी ।

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  14. कविता दिवस के संदर्भ में लिखी
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

    कविता मन में उपजते विचारण को शब्द
    देती है
    कविता वही जिसमें विचार हो
    आपकी कविता में विचार है
    सुंदर कविता
    शुभकामनाएं

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद ज्योति जी ।

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  16. कविता दिवस पर आपके द्वारा लिखी गई कविता की अभिव्यक्ति मुझे मेरे मन के बहुत करीब लगी शुभा जी । अति सुन्दर ।

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    1. बहुत-बहुत धन्यवाद मीना जी ।

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  17. जिस किसी भी परिप्रेक्ष्य में लिखी आपने ये कविता,परंतु बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति है आपकी । सादर शुभकामनाएं।

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