भी शायद ,होगा कोई शहर ...
बसते होगें मेरे अपने
जो हैं बिछड़ गए हमसे ।
करते होगें
याद हमें क्या ?
या ,फिर भूल गए होंगे
या ,फिर बस गई होगी उनकी
कोई नई दुनियाँ ......
रहते थे जो साथ हमारे
अब बसते हैं बस
यादों में ...... ।
शुभा मेहता
16 th Aug ,2026