Monday, 2 February 2026

गुड़िया

हाँ ,मैं ही हूँ गुड़िया ..मतलब नाम है मेरा गुड़िया । असली नाम नहीं ,,घर का नाम है । माँ प्यार से कहती ...गुड़िया रानी बड़ी सयानी ,बात मानती सारी । 
 मैं भी बहुत खुश हो जाती ...थोड़ी बड़ी हुई तो घर में सभी मुझसे ही छोटा-मोटा काम करवानें लगे ,यह कहकर कि बड़ी सयानी है हमारी गुड़िया ..।
 एक बार हमारे घर मेहमान आए जो मेरे लिए सुंदर सी गुड़िया लाए ...मैं बहुत खुश हुई । उन्होनें कहा देखो तुम -सी ही है न गुड़िया ..खेलोगी न इससे ,देखो इसे जैसे चाहो घुमा सकती हो ,नचा सकती हो ..चाबी की गुड़िया है ये तुम्हारे इशारों पर नाचेगी .......।
तभी माँ नें पुकारा गुड़िया चलो बहुत हुआ खेल ,इधर आकर काम में मदद करो हमारी ....
  और उन्होनें चाबी भर दी .....।
शुभा मेहता 
2nd feb 2026





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