Wednesday, 16 February 2022

भाग्य

दोस्तों हम अक्सर लोगों को कहते हुए सुनते हैं कि हमारा तो भाग्य ही खराब है ,लक काम ही नहीं करता वगैरह -वगैरह ...।
  आज मैं आपको बताती हूँ ,भाग्य कैसे काम करता है ...

     भाग्य =
    prepration + Attitude+opportunity+
   Action 

   तैयारी+रवैया+मौका +कार्य (मेहनत)=भाग्य 

    खाली बैठकर भाग्य को दोष मत दीजिए । 

  तैयारी कीजिए , उसपर अमल कीजिए ,मेहनत कीजिए और जब भी अच्छा मौका मिले आगे बढने का,उसे हाथ से जाने न दीजिए ।

शुभा मेहता 
17th feb ,2022

Tuesday, 1 February 2022

मंजिल

मेहनत के आगे 
किस्मत की औकात कहाँ 
 बंद कर ....
किस्मत का रोना ,रोना ...
  जमकर मेहनत कर 
  कर वक्त का पूरा इस्तेमाल 
  देख ,जाए न एक क्षण भी बेकार 
   दम हो ग़र इरादों में 
   तो झुक जाती हैं मंजिलें भी 
   कर भरोसा अपने आप पर 
    इधर-उधर सहारा मत ढूँढ 
    भटक जाएगा ....
 "कल" तो गया 
   "कल"अभी आया नहीं 
     "आज"मौजूद है 
        चल कर नई शुरुआत ।

   शुभा मेहता 
1stFeb ,2022

Sunday, 30 January 2022

"हार"

न डर हार से 
सीख सबक 
दिखा दे अपनी ताकत 
बेहतर से बेहतरीन बनकर 
यूँ ही नहीं मिलती मंजिलें 
जगा दिल में एक जुनून 
यहाँ लडना भी खुद है
संभलना भी खु्द है
गिर कर उठना भी खुद है 
और हार कर जीतना भी ।



शुभा मेहता 
29th January ,2022

Sunday, 2 January 2022

लघुकथा ..पदचिह्न

नन्ही रानी अपने छोटे-छोटे कदमों से घर में इधर-उधर दौड रही थी । कभी गुडिया लेने एक कमरे से दूसरे में भागती तो कभी दूसरा खिलौना ।
  उसकी माँ घर की सफाई कर ,पोछा लगा रही थी ।
रानी ....."एक जगह बैठ नहीं सकती ,देख नहीं रही पोछा लग रहा है सब जगह पगले (पैरों के निशान )हो जाएगें ।पता नहीं कब अक्ल आएगी।उसकी दादी नें डाँटते हुए कहा ।
 नन्ही रानी सहम कर एक जगह बैठ गई ।
   तभी दादी जोर जोर से गाने लगी ...पगला नो पाडनार देजे रे भवानी माँ ( अर्थात पुत्र देना हे माँ ,जो पूरे घर में पदचिह्न करे )
रानी नें अपनी माँ की ओर देखा .....उसकी आँखें आँसुओं से भरी थी ।
 
    शुभा मेहता 
  2nd January , 2022

Thursday, 30 December 2021

नया साल ....

नया सवेरा 
नई किरन
नया दिन
नई मुस्कान
नई उम्मीदें
नए विचार 
नई शुरुआत 
करते हैं चलो आज .....
गुजर गया सो गुजर गया 
आगे की बात करते हैं आज .....
चलिए नववर्ष की शुरुआत करते हैं एक अच्छा इंसान बनकर ,मेरा मतलब दिखनें में अच्छा से नहीं है ,इंसान जो दिल से अच्छा हो ,दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाए । नववर्ष में ऐसा कुछ करें कि हमारी वजह से दूसरों को खुशी मिले ।
इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना ....
*प्यारी सी मुस्कान दें ।
*किसी का बुरा मत कीजिये ।
* धन से मदद न कर सकें तो कोई बात नहीं पर दूसरों की तकलीफ में उनका साथ दें 
*तोल -मोल कर बोलें ।अपनें शब्दों से किसी का दिल न दुखाएं ।
ऐसे लोगों का साथ सभी को अच्छा लगता है ।
एक बार करके देखिए ,बहुत अच्छा लगेगा ।
घर में अगर बुजुर्ग हैं तो कुछ समय उनके साथ बातें कीजिए ।
अगर आप बुजुर्ग हैं तो घर के बच्चों की छोटी-छोटी बातों में मदद करें ।
अपनापन ,परवाह ,आदर और थोड़ा समय 
वह दौलत है जो हमारे अपने हमसे चाहते हैं ।

सभी ब्लॉगर मित्रों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँँ💐💐💐💐💐💐

Monday, 18 October 2021

समय की कीमत

समय एक नदी के समान है ,आप बहते हुए उस पानी को दोबारा नहीं छू सकते क्योंकि धारा जो बह गई वो वापस नहीं आएगी ।
  जिंदगी हमें सिखाती है समय का सदुपयोग करना ,समय हमें सिखाता है जिंदगी की कीमत करना । 
  जैसे गलत चीजों म़े पैसा लगाने से वो डूब जाता है ,वैसे ही गलत कामों में समय बर्बाद करने से असफलता ही मिलती है ।
  समय की कद्र करो ,वो आपकी कद्र करेगा  समय तो सभी के पास समान है ,फिर क्यों कोई सफल और कोई असफल । समय का सही इस्तेमाल करें । हर काम की पूर्व तैयारी करें । हर काम के लिए समय को विभाजित करें और उसपर अमल करें । आपको ही निश्चित करना होगा कि किस काम को कितना समय देना है ।
  सही वक्त का इंतजार मत करो ,ये खुद से नहीं आता ,उसे लाना पडता है ।
  जिसने समय की कीमत जान ली ,उसकी जिंदगी सँवर गई ।

शुभा मेहता 
15th Oct, 2021
https://youtu.be/OSDWi4P04Os

Thursday, 14 October 2021

स्वयं से प्यार करो (self love)

अगर चाहते हैं जीवन में कुछ करना ,सबके प्रिय बनना तो अपनाओ इन सभी बातों को ......
खुलकर जियो 
 वर्तमान में जियो 
 खुशियाँ फैलाओ और 
 स्वयं से प्यार करो ।
 स्वयं से बडा हमसफर कोई नहीं होता ।
  खुद को भी कभी महसूस कर लिया करो.....
   कूछ रौनकें खुद से भी हुआ करती हैं ।
   नहीं बनना मुझे किसी और के जैसा ,क्योंकि रब ने मुझ जैसा किसी और को बनाया ही नहीं ।
 Self love स्वार्थ नहीं है ।यह जरुरी है ।स्वयं का सम्मान करो , ध्यान रखो ,अपने आप से प्यार करना सीखो ।अपनी जरूरतों को समझो ।आप अपना ध्यान रखेगें तभी दूसरों का ध्यान रख पाएंगे ।आप जैसे हैं वैसे ही स्वयं को स्वीकार करेंं ।इससे क्या होगा छोटी-मोटी बिमारियाँँ तो ऐसे ही ठीक हो जाएगीं ।क्योंकि कोई टेन्शन ही नहीं रहेगी आप स्वयं को स्वीकार जो कर चुके होंगे ।
हमें लगता है हम परफेक्ट नहीं है ,और दूसरों से तुलना करने लगते । अरे भाई परफेक्ट तो कोई नहीं होता ।सोचते रहते हैं देखो हम तो कुछ कर ही नहीं पाते और इन सभी नकारात्मक विचारों का ढेर दिमाग में जमा कर लेते हैं ।
ऐसा कभी मत करो ।सोचें कि हम कौनसा काम सबसे अच्छा कर सकते हैं ,फिर कठिन परिश्रम कीजिए सफलता जरूर मिलेगी । 
कईबार माता-पिता अपने बच्चों की हर बात में कमियाँ निकालते हैं ।दूसरो के बच्चों के साथ उनकी तुलना करते रहते ..कहते हैं ..देखो उनका बच्चा कितना होशियार है और तुम किसी काम के नही ।इससे क्या होता है बच्चों में नकारात्मकता की भावना आ जाती है उनका कोन्फिडेन्स खत्म हो जाता है जो ताउम्र उनके साथ रहता है ।ऐसा कभी मत कीजिए । हमेशा उनका हौसला बढाइये । कहिये तुम जैसा कोई नहीं। उन्हें भी सिखाइये खुद से प्यार करना ,जीवन में खूब  आगे जाएंगे ।

शुभा मेहता 
14th Oct 2021