Thursday, 21 April 2022

धरती माँ

आओ ,आज सब मिलकर 
माँ ,धरती का सम्मान करें 
 आभारी हों ,दिल से ...
  भूल गए हैंं शायद .
  अपने स्वार्थ में हो गए हैं 
  इतने अंधे ...
   देखो ध्यान से इसकी सुंदरता को 
     बहते झरनों को ,नदियों को,
      फूलों को ,पेडों को 
      घास पर पडी उस एक ओस बूँद को 
       कितनी खूबसूरत है 
         मिट्टी की खुशबू 
          माँ को सजाएँ ....
         हरी -हरी चुनरी पहनाएँ
          देती आ रही सदियों से वो जो हमें
       आओ मिलकर कर्ज चुकाएँ ।

शुभा मेहता 
 21st April ,2022


Sunday, 20 March 2022

वृक्ष

जब मैं रोपा गया जमीन में,
कितना खुश था .......
इच्छा बस इतनी सी थी 
कुछ कर जाऊं मानव के लिए 
 लालसा थी बस देने की ....
  छाँव ,फल ,फूल यहाँ तक की टहनियाँ भी ।
   फैलाता रहा शाखाएं ,छाँव देने को 
   पक्षियों को घर देने को 
   लगती थी भली उनकी चहचहाहट 
   फल दिए मीठे-मीठे 
    हुआ बहुत चोटिल भी 
    पत्थरों की मार से
   जो फेंके जाते फलों को तोडने के लिए 
   फिर भी आनंद था ,कुछ देने का 
    आँधी -तूफान में भी खडा रहा अडिग 
    पर आज ,दुखी हूँ बहुत 
    जिस मानव को दिया इतना कुछ 
     वो ही कुल्हाडी लेकर काट रहा शाखाएं मेरी 
     सुना मैंने ................
     कह रहा था जंगल होगा साफ 
      घर जो बनाने है उसे .....
       मूर्ख है ....जानता नहीं क्या होगा 
        इसका अंतिम परिणाम ..।

Wednesday, 16 February 2022

भाग्य

दोस्तों हम अक्सर लोगों को कहते हुए सुनते हैं कि हमारा तो भाग्य ही खराब है ,लक काम ही नहीं करता वगैरह -वगैरह ...।
  आज मैं आपको बताती हूँ ,भाग्य कैसे काम करता है ...

     भाग्य =
    prepration + Attitude+opportunity+
   Action 

   तैयारी+रवैया+मौका +कार्य (मेहनत)=भाग्य 

    खाली बैठकर भाग्य को दोष मत दीजिए । 

  तैयारी कीजिए , उसपर अमल कीजिए ,मेहनत कीजिए और जब भी अच्छा मौका मिले आगे बढने का,उसे हाथ से जाने न दीजिए ।

शुभा मेहता 
17th feb ,2022

Tuesday, 1 February 2022

मंजिल

मेहनत के आगे 
किस्मत की औकात कहाँ 
 बंद कर ....
किस्मत का रोना ,रोना ...
  जमकर मेहनत कर 
  कर वक्त का पूरा इस्तेमाल 
  देख ,जाए न एक क्षण भी बेकार 
   दम हो ग़र इरादों में 
   तो झुक जाती हैं मंजिलें भी 
   कर भरोसा अपने आप पर 
    इधर-उधर सहारा मत ढूँढ 
    भटक जाएगा ....
 "कल" तो गया 
   "कल"अभी आया नहीं 
     "आज"मौजूद है 
        चल कर नई शुरुआत ।

   शुभा मेहता 
1stFeb ,2022

Sunday, 30 January 2022

"हार"

न डर हार से 
सीख सबक 
दिखा दे अपनी ताकत 
बेहतर से बेहतरीन बनकर 
यूँ ही नहीं मिलती मंजिलें 
जगा दिल में एक जुनून 
यहाँ लडना भी खुद है
संभलना भी खु्द है
गिर कर उठना भी खुद है 
और हार कर जीतना भी ।



शुभा मेहता 
29th January ,2022

Sunday, 2 January 2022

लघुकथा ..पदचिह्न

नन्ही रानी अपने छोटे-छोटे कदमों से घर में इधर-उधर दौड रही थी । कभी गुडिया लेने एक कमरे से दूसरे में भागती तो कभी दूसरा खिलौना ।
  उसकी माँ घर की सफाई कर ,पोछा लगा रही थी ।
रानी ....."एक जगह बैठ नहीं सकती ,देख नहीं रही पोछा लग रहा है सब जगह पगले (पैरों के निशान )हो जाएगें ।पता नहीं कब अक्ल आएगी।उसकी दादी नें डाँटते हुए कहा ।
 नन्ही रानी सहम कर एक जगह बैठ गई ।
   तभी दादी जोर जोर से गाने लगी ...पगला नो पाडनार देजे रे भवानी माँ ( अर्थात पुत्र देना हे माँ ,जो पूरे घर में पदचिह्न करे )
रानी नें अपनी माँ की ओर देखा .....उसकी आँखें आँसुओं से भरी थी ।
 
    शुभा मेहता 
  2nd January , 2022

Thursday, 30 December 2021

नया साल ....

नया सवेरा 
नई किरन
नया दिन
नई मुस्कान
नई उम्मीदें
नए विचार 
नई शुरुआत 
करते हैं चलो आज .....
गुजर गया सो गुजर गया 
आगे की बात करते हैं आज .....
चलिए नववर्ष की शुरुआत करते हैं एक अच्छा इंसान बनकर ,मेरा मतलब दिखनें में अच्छा से नहीं है ,इंसान जो दिल से अच्छा हो ,दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाए । नववर्ष में ऐसा कुछ करें कि हमारी वजह से दूसरों को खुशी मिले ।
इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना ....
*प्यारी सी मुस्कान दें ।
*किसी का बुरा मत कीजिये ।
* धन से मदद न कर सकें तो कोई बात नहीं पर दूसरों की तकलीफ में उनका साथ दें 
*तोल -मोल कर बोलें ।अपनें शब्दों से किसी का दिल न दुखाएं ।
ऐसे लोगों का साथ सभी को अच्छा लगता है ।
एक बार करके देखिए ,बहुत अच्छा लगेगा ।
घर में अगर बुजुर्ग हैं तो कुछ समय उनके साथ बातें कीजिए ।
अगर आप बुजुर्ग हैं तो घर के बच्चों की छोटी-छोटी बातों में मदद करें ।
अपनापन ,परवाह ,आदर और थोड़ा समय 
वह दौलत है जो हमारे अपने हमसे चाहते हैं ।

सभी ब्लॉगर मित्रों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँँ💐💐💐💐💐💐